आज का राशिफल

सभी 12 राशियों का आज का फल — वास्तविक ग्रह गोचर से, निरयन (लाहिरी) राशिचक्र के अनुसार, वही जिसे भारतीय पंचांग मानता है।

2026-09-19

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तिथियाँ भारतीय निरयन पंचांग के अनुसार हैं, इसलिए हर राशि पाश्चात्य तिथि से लगभग तीन सप्ताह बाद आरंभ होती है — मेष 21 मार्च नहीं, 14 अप्रैल को मेष संक्रांति से शुरू होती है।

क्या यह वह राशि नहीं जिसकी आपको उम्मीद थी?

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मेष राशिफल आज

14 अप्रैल – 14 मई

आपके राशि स्वामी मंगल का उच्च के गुरु के साथ चतुर्थ भाव में गोचर घरेलू मामलों में तनाव और अशांति लाएगा। इस ऊर्जा को घर की व्यवस्था सुधारने में लगाएं और परिजनों के साथ बातचीत में पूरी तरह संयम बरतें।

वृषभ राशिफल आज

15 मई – 15 जून

अष्टम भाव में गोचर करता हुआ चंद्रमा आज साझा धन और महत्वपूर्ण चर्चाओं में अचानक अड़चनें पैदा करेगा। किसी भी बड़े वित्तीय समझौते पर हस्ताक्षर टालें और अपने लेन-देन की शांति से समीक्षा करें।

मिथुन राशिफल आज

16 जून – 16 जुलाई

आपके राशि स्वामी बुध का चतुर्थ भाव में उच्च अवस्था में होना घरेलू योजनाओं और संपत्ति के मामलों में स्पष्टता देगा। अपनी इस बौद्धिक शक्ति का उपयोग अटके हुए पारिवारिक निर्णयों को सुलझाने और व्यवस्था मजबूत करने में करें।

कर्क राशिफल आज

17 जुलाई – 16 अगस्त

आपकी राशि के स्वामी चंद्रमा का छठे भाव में गोचर और प्रथम भाव में नीच के मंगल की उपस्थिति कार्यक्षेत्र में आपकी सहनशीलता की परीक्षा लेगी। व्यर्थ के विवादों से दूरी बनाकर अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें और अपनी शारीरिक ऊर्जा को अनावश्यक तनाव से बचाएं।

सिंह राशिफल आज

17 अगस्त – 16 सितंबर

आपके राशि स्वामी सूर्य का उच्च के बुध के साथ द्वितीय भाव में होना आपकी वाणी और वित्तीय विश्लेषण को मजबूत अधिकार देगा। आर्थिक योजनाओं में अपनी शर्तें स्पष्टता से रखें और बिना किसी संकोच के बजट की बारीकियों की जांच करें।

कन्या राशिफल आज

17 सितंबर – 17 अक्टूबर

आपके राशि स्वामी बुध का प्रथम भाव में उच्च अवस्था में सूर्य के साथ बैठना आपको तीक्ष्ण विश्लेषण क्षमता और निर्णायक अधिकार प्रदान करेगा। जटिल परियोजनाओं की कमान स्वयं संभालें, किंतु सहयोगियों पर अत्यधिक नुक्ताचीनी करने से बचें ताकि तालमेल बना रहे।

तुला राशिफल आज

18 अक्टूबर – 16 नवंबर

आपकी राशि के स्वामी शुक्र का प्रथम भाव में स्वराशिस्थ होना आपके प्रभाव को बढ़ाएगा, जबकि द्वादश भाव के बुध के कारण अचानक खर्चे सामने आएंगे। बातचीत में अपनी सौम्यता का लाभ उठाएं, लेकिन किसी भी गैर-जरूरी खरीदारी की अनुमति देने से पहले अपने बजट की सख्त समीक्षा करें।

वृश्चिक राशिफल आज

17 नवंबर – 15 दिसंबर

आपके राशि स्वामी मंगल का नवम भाव में नीच राशि में बैठना वरिष्ठों या सलाहकारों के साथ वैचारिक मतभेद उत्पन्न करेगा। आज सैद्धांतिक बहसों से पीछे हटें और अपने गुस्से के बजाय केवल ठोस तथ्यों के आधार पर बात करें।

धनु राशिफल आज

16 दिसंबर – 14 जनवरी

प्रथम भाव में चंद्रमा का गोचर और दशम भाव में उच्च के बुध की उपस्थिति आपके कार्य को सीधे नेतृत्व की नजरों में लाएगी। इस गोचर का लाभ उठाकर अपनी मुख्य कार्ययोजना को प्रस्तुत करें और कम महत्व के कार्यों को दूसरों को सौंपें।

मकर राशिफल आज

15 जनवरी – 12 फ़रवरी

द्वादश भाव में चंद्रमा का गोचर और तृतीय भाव में वक्री शनि की स्थिति यात्राओं को थकाऊ और संचार में गलतफहमियां पैदा करेगी। अपनी व्यस्तता को सीमित रखें, एकांत में बैठकर आवश्यक काम पूरा करें और शाम को व्यर्थ की मुलाकातों से बचें।

कुंभ राशिफल आज

13 फ़रवरी – 14 मार्च

छठे भाव में उच्च का गुरु कार्यक्षेत्र की बाधाओं को दूर करेगा, जबकि द्वितीय भाव में वक्री शनि आर्थिक प्रवाह में अनुशासन की मांग करेगा। रुके हुए प्रशासनिक कार्यों को तत्परता से निपटाएं और अपनी नकदी को अनावश्यक जोखिम से बचाकर रखें।

मीन राशिफल आज

15 मार्च – 13 अप्रैल

आपकी राशि के स्वामी गुरु का पंचम भाव में उच्च होना गहरी रचनात्मक सूझबूझ देगा, जो प्रथम भाव के वक्री शनि के मानसिक दबाव को कम करेगी। अपनी एकाग्रता को जटिल रणनीतिक योजना या अध्ययन पर लगाएं और क्षणिक आत्म-संदेह के कारण अपने कदम न रोकें।

यह आपकी राशि के हर व्यक्ति पर लागू होता है। आपकी कुंडली नहीं।

राशि आधारित फल एक साथ दुनिया के बारहवें हिस्से पर लागू होता है। आपकी दशा, गोचर और चंद्रमा केवल आपके हैं — उस गुरु से पूछिए जो असली कुंडली पढ़ता है।

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आपकी राशि वह क्यों नहीं जो आप जानते हैं

पाश्चात्य ज्योतिष सायन राशिचक्र मानता है, जो ऋतुओं से बँधा है। भारतीय ज्योतिष निरयन राशिचक्र मानता है, जो नक्षत्रों से बँधा है। दो हज़ार वर्षों में दोनों के बीच लगभग 24° का अंतर आ गया है — सूर्य की लगभग तीन सप्ताह की यात्रा।

इसलिए 10 अगस्त को जन्मे व्यक्ति को पाश्चात्य ज्योतिष सिंह कहता है और वैदिक ज्योतिष कर्क। दोनों में से कोई ग़लत नहीं — दोनों की गणना का आरंभ-बिंदु अलग है। यह साइट पूरी तरह निरयन राशिचक्र पर आधारित है, क्योंकि ज्योतिष इसी पर खड़ा है।

नीचे दी गई तिथियाँ संक्रांति की तिथियाँ हैं: लगभग 14 अप्रैल को सूर्य का मेष में प्रवेश वही क्षण है जिसे वैसाखी, पुथांडु, विषु और पोहेला बोइशाख के रूप में मनाया जाता है। यदि आपका जन्म किसी सीमा के एक दिन के भीतर हुआ है, तो सीमा पर भरोसा करने के बजाय कुंडली की गणना करें।

गणना कैसे होती है

ग्रह स्थितियाँ लाहिरी अयनांश पर आधारित निरयन एफ़ेमेरिस से ली जाती हैं। हर दिन का फल उस दिन के वास्तविक गोचर पर लिखा जाता है — ग्रहों की असली स्थिति पर, न कि पहले से बने अनुच्छेदों के चक्र पर।

प्रति राशि प्रतिदिन एक ही फल बनता है और उस राशि के सभी लोगों में साझा होता है। किसी भी राशि-आधारित राशिफल की यही ईमानदार सीमा है: वह एक साथ दुनिया के बारहवें हिस्से पर लागू होता है। जो बात केवल आपकी है, उसके लिए आपकी जन्म कुंडली चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यहाँ मेरी राशि अलग क्यों है?

क्योंकि यह साइट निरयन (लाहिरी) राशिचक्र मानती है, जिस पर भारतीय ज्योतिष आधारित है — न कि पाश्चात्य ज्योतिष का सायन राशिचक्र। दोनों के बीच लगभग 24° का अंतर आ चुका है, इसलिए अधिकतर लोगों की राशि एक पीछे खिसक जाती है। दोनों में कोई ग़लत नहीं; दोनों की गणना अलग बिंदु से होती है।

यह सूर्य राशि पर है या चंद्र राशि पर?

सूर्य राशि पर, निरयन। कई भारतीय पंचांग चंद्र राशि का प्रयोग करते हैं, जिसके लिए जन्म समय और स्थान चाहिए। चंद्र राशि जाननी हो तो अपनी मुफ़्त कुंडली बनाइए — उसमें दोनों मिलती हैं।

क्या यह फल मेरी राशि के सभी लोगों के लिए एक ही है?

हाँ, और किसी भी राशि-आधारित राशिफल की यही ईमानदार सीमा है — यह एक साथ दुनिया के बारहवें हिस्से पर लागू होता है। यह आज के वास्तविक गोचर पर लिखा जाता है, पर इसमें कुछ भी आपकी कुंडली के अनुसार नहीं है।

यह कितनी बार अपडेट होता है?

दिन में एक बार, हर राशि के लिए, हर भाषा में। हर फल उस दिन की वास्तविक ग्रह स्थितियों पर लिखा जाता है।

मेरा जन्म सीमा-तिथि पर हुआ है। मेरी राशि कौन सी है?

सीमाओं पर भरोसा करने के बजाय अपनी कुंडली की गणना कीजिए। सूर्य के प्रवेश का सही समय लीप-चक्र में लगभग एक दिन आगे-पीछे होता है, इसलिए सीमा के एक दिन के भीतर जन्मे व्यक्ति को ठीक से जाँच लेनी चाहिए।