दोनों की जन्म जानकारी भरें और पाएँ अपना मुफ़्त अष्टकूट / गुण मिलान स्कोर 36 में से — आठ कूट, आपका फैसला, और कोई दोष — एक सटीक निरयन (लाहिड़ी) इंजन से। बिना साइनअप।
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वैदिक कुंडली मिलान, यानी अष्टकूट मिलान, दो कुंडलियों को आठ कारकों (कूट) पर परखता है, जिनके कुल 36 अंक होते हैं। यह मुख्य रूप से हर व्यक्ति की चंद्र राशि और जन्म नक्षत्र पर आधारित है, और शादी के लिए कुंडली मिलाने का पारंपरिक पहला कदम है।
18 या उससे ज़्यादा का कुल स्कोर शास्त्रों में चलने वाला मेल माना जाता है; 25+ अच्छा और 32+ बेहतरीन। पर यह अंक सिर्फ़ सुर्खी है — दोष (जैसे नाड़ी, भकूट और मंगल), वे कटे हैं या नहीं, और दोनों की पूरी कुंडलियाँ भी उतनी ही मायने रखती हैं। वह गहरा पठन ही गुरु का काम है।
अहं और आध्यात्मिक तालमेल — आपके मूल स्वभाव कितने मिलते हैं।
आपसी आकर्षण और प्रभाव का स्वाभाविक लेन-देन।
आपके जन्म-नक्षत्रों से सेहत, भाग्य और नियति।
शारीरिक और अंतरंग तालमेल।
मानसिक तालमेल और दोस्ती, आपकी चंद्र-राशि के स्वामियों से।
स्वभाव — आपके मूल मिज़ाज कितने मिलते हैं।
भावनात्मक जुड़ाव, प्रेम और पारिवारिक सुख।
सेहत और संतान — शास्त्रों में सबसे अहम कारक।
36 में से 18 या उससे ऊपर का स्कोर शास्त्रों में शादी के लिए ठीक माना जाता है, 25+ अच्छा, और 32+ बेहतरीन। 18 से नीचे पर करीब से देखना चाहिए — पर दोष और पूरी कुंडलियाँ अंक जितनी ही मायने रखती हैं।
नहीं। कम अष्टकूट स्कोर बस कुछ फ़र्क बताता है, रिश्ते का अंत नहीं। कम स्कोर वाले कई जोड़े अच्छा निभाते हैं, खासकर जब दोषों का कटना और पूरी कुंडलियाँ देख ली जाएँ।
ये दो ज़्यादा अहम कारक हैं — नाड़ी सेहत/संतान से और भकूट भावनात्मक व आर्थिक तालमेल से जुड़ी है। दोनों अक्सर दूसरी स्थितियों से कट जाती हैं, और इन्हें बहुत बढ़ा-चढ़ाकर बताया जाता है।
गुण मिलान मुख्य रूप से चंद्र पर आधारित है, इसलिए अंदाज़न समय से भी भरोसेमंद स्कोर मिल जाता है। सटीक समय से कुंडलियाँ (और समय पर निर्भर कारक) ज़्यादा सही बनती हैं। अगर जन्म समय बिल्कुल पता नहीं, तो “जन्म समय नहीं पता” पर टिक करें: चंद्रमा एक दिन में नक्षत्र बदल सकता है, इसलिए आपको उस दिन के हर हिस्से का स्कोर दिखेगा।